देखें विडियो में आखिर किस प्रकार एक वैश्या ने दिलाई थी भारत को आजादी ?

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वैसे आपको तो पता ही होगा कि भारत को आजादी कब और कैसे मिली लेकिन क्या आपको पता है कि इस आजादी में एक वैश्या ने भी अहम् भूमिका निभाई थी जिसे शायद ही कोई जानता हो लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ही छुपी हुई सच्चाई से अवगत कराने जा रहे है जिसे शायद ही कोई आज तक जान पाया है | वैसे क्या आपको पता है कि भारत से अंग्रेजो को भागने का सबसे पहले प्रयास सन 1857 में ही शुरू किया गया था जिसे स्वतंत्रता संग्राम भी कहा जाता है |

और उस समय ब्रिटिश सरकार कि चलती थी और उस समय में भारत का ऐसा प्रदर्शन अंग्रेजो कि नीव हिला के रख दी थी | और आपको बता दे कि इस स्वतंत्रता संग्राम की शुरुवात बैरकपुर छावनी से उस वक्त शुरू हुई जब मंगल पाण्डेय ने गाय के मांस लगे कारतूसो का प्रयोग करने से ब्रिटिश सरकार ने साफ मना कर दिया था और उसी समय उन्होंने एक बड़े ब्रिटिश अधिकारी की हत्या कर दी थी |

और इसी के कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 8 मई सन 1857 को फांसी दे दी और इन्ही के फांसी के विद्रोह ने एक भयंकर क्रांति का रूप ले लिया | और आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी विद्रोह के कारण भारतीय सैन्य टुकड़ो ने इन कारतूसों का विरोध किया और इन टुकड़ो ने भारत के अलग अलग देशो में जाकर लोगो को स्वंत्रता संग्राम कि नीव प्रारंभ की जिसके वजह से अंग्रेजो ने कई छोटे राज्यों से भागने पर मजबूर हो गये |

और जहा इस संग्राम में सारा देश अपना योगदान दे रहा था तो वही एक वैश्या ने भी अपना अहम् योगदान दिया था और हमारे लिए यह गौरव कि बात है कि संग्राम के समय जब भारत के सैनानियों को भारी मात्रा में हथियार कि आवश्यकता होती थी तो सु समय हजारों लाखो सैनिक ब्रिटिशो का सामना करने जा रहे थे तब जिसमे हथियारों, कारतूसों भालों का जिसने इंतजाम करवाया था वो एक वैश्या थी |

और आपको बता दे कि इस वैश्या ने अपने शरीर के बदले जो पैसे मिलते थे उससे भारतीय सैनानियों के लिए हथियारों कि व्यवस्था करवाती थी जिसके कारण हम अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने में सक्षम हो सके थे |

देखें विडियो:-