भैया दूज के इस शुभ मुहूर्त पर लगाये भाई को तिलक मिलेगा लम्बी ऊम्र का वरदान ?

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आप सभी जानते है कि भाई बहन का प्रेम कितना सच्चा और गहरा होता है और भाई बहन का कोई भी त्यौहार हो इसे सब धूमधाम से मनाते है लेकिन इस त्यौहार को मनाने के लिए क्या आपने कभी शुभ मुहूर्त देखा नही न तो आज हम आपको इस भाई बहन के प्यार भरे त्यौहार को कौन से शुभ मुहूर्त में मनाये इसके बारे में बताते है और कई बार लोग बिना किसी शुभ मुहूर्त के ही त्यौहार मना लेते है और भविष्य में उसका गलत प्रभाव पड़ता है जो कि भाई को भुगतना पड़ता है लेकिन आज हम इस त्यौहार के शुभ मुहूर्त के बारे में बताते है |

रक्षा बंधन के बाद जो दूसरा भाई बहन का त्यौहार है इसे भैया दूज के नाम से जाना जाता है और यह हर दिवाली के अंत में पड़ता है और यह कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और इस त्योहारों को लेकर हमारे पुराने धर्म शाश्त्रों में लिखा गया है कि इसी दें यमुना ने अपने भाई को यम को अपने घर पे बुलाया था और उस समय यमुना ने अपने भाई का अच्छे से स्वागत, सत्कार के साथ साथ तिलक भी लगाया था | और उसी समय से यह पर्व मनाया जाने लगा |

और आपको शायद पता नही होगा कि इस त्यौहार का दूसरा नाम यम द्वितीया भी है और आज के दिन सभी बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाएंगी और उनसे उपहार लेंगी और इसीलिए इसका शुभ मुहूर्त देखना अति आवश्यक है और आज के दिन आपको अपने भाइयों को कितने बजे यह तिलक लगाना है और क्या है इसका शुभ मुहूर्त आईये जानते है ?

भैया दूज का तिलक लगाने का समय दोपहर 1:19 से 3:36 और द्वितीय तिथि का प्रारंभ 21 अक्टूबर 2017 को 1:37 से और समापन 22 अक्टूबर 2017 को 3:00 बजे तक |

और ऐसा भी माना जाता है कि अगर कोई भाई अपने बहन के हाथो इस दिन भोजन करे तो वह बहुत ही शुभ माना जाता है और इससे भाई कि उम्र लम्बी होती है और आपको बता दे कि एक बार यमराज के पास उनकी बहन का बुलावा आया था और सन्देश आते ही यमराज अपने बहन से मिलने पहुच गये और यमुना ने अपने हाथो से यमराज को भोजन करवाया था | और यह माना जाता है कि हर साल यमराज अपने बहन यमुना के यहाँ जाके भोजन उनके हाथो से भोजन करते है |