जानिए आखिर क्या कारण है कि मुस्लिम केवल दाढ़ी रखते है मूंछ नही ?

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वैसे आपके भी मन में उठता ही होगा हर धर्म के बारे में कि आखिर ये धर्म में ऐसा क्यों है और हमारा धर्म में ये क्यों नही ? या ये कहे कि हमारे धर्म में ये इन चीजो पे रोक नही है तो आखिर इनके धर्म में क्यों ऐसे कई सवाल हमारे मन में रोजाना उठते होंगे लेकिन हमें उस प्रश्न का हल न मिलने कारण हम उसे नजर अंदाज कर देते है और कभी न कभी फिर वही प्रश्न हमारे पास आ जाता है वैसे आप सोच रहे होंगे कि मै ये सब क्यों बता रहा ही तो आपको बता दू कि आज हम आपको मुस्लिमों के एक ऐसे राज के बारे में बताएँगे जिसका राज शायद ही आपको पता हो |

वैसे आपको बता दे कि आपके मन में भी कभी ये प्रश्न उठा ही होगा कि मुस्लिम सिर्फ दाढ़ी ही रखता है मूंछ क्यों नही ? तो आज हम आपको इसकी सच्चाई बताने जा रहे है और आपको ये पता ही होगा कि अगर किसी ने धोती पहना है तो जाहिर सी बात है वह शख्स हिन्दू ही होगा और टोपी पहनी है तो वह मुसलमान हम व्यक्ति को देखते ही पहचान लेते है कि वह व्यक्ति किस धर्म का है |

वैसे हम कहते है कि हिन्दू धर्म सबसे पुराना और सनातन धर्म है और हमारे ही हिन्दू ग्रंथो में सभी धर्मो का उल्लेख है जिसमे सभी धर्मो का किस से क्या मतलब है इन सभी का उल्लेख है | और हिन्दू पुराणों में आपको बता दे कि करीब 50000 श्लोक थे लेकिन कहा जाता है कि मुग़ल शाशनकाल के समय ही उन्हें नष्ट कर दिया गया और यह पुराण उस समय तक्षशिला विश्वविद्यालय में रखी गयी थी जिसके कारण इस पुराण के बाकी के अध्याय नष्ट हो गये थे और उनमे से सिर्फ 129 अध्याय और 14000 श्लोक ही बचे |

और इस पुराण में बताया जाता है कि राजा हर्षवर्धन,तुगलक, तैमुर, बाबर और अकबर जैसे लोगो का भी उल्लेख था | और इसी पुराण में आपको बता दे कि भारत के शक्तिशाली राजा जिनका नाम राजा भोज था जिन्हें यह अभाश हो गया था कि भारत कि शक्ति कम पड़ रही है इससे पहले वो कमजोर पड़ जाएँ उन्हें दुनिया में अपनी शक्ति कायम रखनी होगी उन्होंने अपनी 10000 सेना को साथ लेकर और अपने विद्वानों और बुद्धजीवी जैसे कालिदास के साथ आगे बढे |

उसके बाद उन्होंने कश्मीर में शठ राजाओ को हराकर सिन्धु नदी पार करते हुए गंधार में अपना दबदबा कायम रखा और अब राजा भोज की सेना ईरान और अरब होते हुए मक्का पहुँच चुकी थी और वहां जैसे ही पहुचें वहा उन्हें एक शिवलिंग दिखा उसके बाद राजा भोज ने उस शिवलिंग कि पूजा की | राजा भोज शिवजी के बहुत ही बड़े भक्त थे और उसी रात जब राजा भोज सो रहे थे तो उनके स्वप्न में भगवान शिव आये और स्वप्न में उन्होंने राजा भोज को मक्केश्वर (जिसे आज मक्का के नाम से जाना जाता है |) की जगह उज्जैन में स्थित महकलेश्वर जाने को कहा और शिव जी का दर्शन मिलने के बाद ही उन्हें मक्केश्वर में हो रही घटनाओ का तुरतं आभास हुआ |

और जब उन्हें पता चला कि मक्केश्वर में राक्षस त्रिपुरासुर, जिसका भगवान शिव ने वध किया था और उन्हें मानने वाले व्यक्ति को असुर राज का सरंक्षण मिल रहा है और जिसकी नकारात्मक शक्ति उस समुदाय का प्रमुख महा-मद-मद से भरा हुआ व्यक्ति जिसे आज मोहम्मद कहते है के रूप में उन लोगो का नेतृत्व क्र रही है और उस समय महा-मद-मद ने अरब में उत्पात मचा रखा था | और अब राजा भोज शिव जी के आदेशानुसार महाकालेश्वर जब जाने लगे तो वहां महा-मद-मदपहुचन गए उन्होंने राजा भोज से कुछ ऐसा कहा —

“महादेव ने त्रिपुरासुर का वध चाहे कर दिया हो, लेकिन मै उसके मकसद को आगे अवश्य बढ़ाऊंगा, और महादेव से प्राप्त की हुई शक्तियां उन्ही के विरोध में प्रयोग करूँगा | और एक ऐसे वर्ग की स्थापना करूँगा जो अपनी क्रूरता के लिए जाना जायेगा, और जिनका केवल एक ही मकसद होगा त्रिदेवो का नाश करना और उनके पूछने वालों का नाश करना त्रिदेव हमारे लिए एक शैतान होंगे और हम उन्हें ऐसे तैयार करेंगे कि वह स्त्री लोभ में भी न आये | अब तुम्हारे शिव कि उल्टी परिक्रमा हुआ करेगी जो उनके भक्तों को याद दिलाती रहेगी कि उनका विपरीत समय आरम्भ हो चूका है न ही इनको तिलक होगा और न ही इनको मूंछे  होंगी और जो भी तुम्हे प्रिय होगा उसका नाश कर हम उसे खाया करेंगे और जल्द ही मै तुम्हारे उस जगह पर आऊंगा जो स्थान तुम्हारे शिव को बेहद पसंद होगा और यह सब मै वही से आरम्भ करूँगा और अपने मूंछों को काटकर अपना उद्देश्य को आरम्भ करूँगा |”

और आपको बता दे कि कश्मीर में हजरत बल मस्जिद में आज भी मोहम्मद के मुछो के बाल को सुरक्षित रखा गया है जिसे मोई-ए-मुकद्दसके नाम से जाना जाता है | और आपको बता दे कि इन बालों को एक पेटी में रखा गया है जिसे साल में दो बार खोला जाता है जिससे बाकी के मुलसमान उसके दर्शन कर सके| और शायद कुछ लोगो को यह कहानी गलत लगे इसलिए हमने एक विडियो भी डाला है जिसे भी यह कहानी झूठी लगे वह यह विडियो को देख सकता है |

देखें विडियो:-

नोट: यहाँ पर इस लेख को लिखकर हम किसी भी धर्म को नीचा दिखाने कि कोशिश नहीं कर रहे है बल्कि जो इतिहास में हुआ है उसकी सच्चाई लोगो तक पहुचाने कि कोशिश कर रहे है|